अमेरिका में यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वह अफ़ग़ानिस्तान से हथियार वापस लेंगे.
उन्होंने कहा कि 85 अरब डॉलर के अत्याधुनिक हथियार वहाँ छोड़े गए थे.
ट्रंप ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक के दौरान कहा, “अफ़ग़ानिस्तान, दुनिया में सैन्य साजो सामान के सबसे बड़े विक्रेताओं में से एक है, आप जानते हैं क्यों? वे वह हथियार बेच रहे हैं जो हमने छोड़ दिए थे.”
उन्होंने कहा, “मेरा ध्यान इस पर बना हुआ है. हम अपने सैन्य उपकरण वापस चाहते हैं भले ही बदले में हमें इसके लिए उन्हें भुगतान करना पड़े.”
ट्रंप के आंकड़े हमेशा ही संदिग्ध रहे हैं क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान में खर्च की गई धनराशि में प्रशिक्षण और वेतन पर भी ख़र्च शामिल है.
पिछले साल स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने दुनिया के शीर्ष 25 निर्यातकों की सूची तैयार की थी.
इस सूची में अफ़गानिस्तान को शामिल ही नहीं किया गया था.
ट्रंप का जवाब देते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने अफ़ग़ान टीवी से कहा, “हमने ये हथियार पिछली सरकार से ज़ब्त किए हैं. इनका उपयोग देश की सुरक्षा और रक्षा के लिए किया जाएगा.”