9/11 हमले के मास्टरमाइंड को अपराध स्वीकार करने से अमेरिका क्यों रोक रहा?

अमेरिका पर हुए 9/11 चरमपंथी हमले का मास्टरमाइंड अभियुक्त अपना अपराध स्वीकार नहीं कर पाया, क्योंकि अमेरिकी सरकार ने दोष स्वीकार करने को लेकर पिछले साल हुए समझौते पर आगे बढ़ने से रोक लगाने की अपील कर दी.

ख़ालिद शेख़ मोहम्मद जिन्हें केएसएम के नाम से भी जाना जाता है, शुक्रवार को दक्षिण-पूर्वी क्यूबा में स्थित अमेरिका के नेवी बेस ग्वांतानामो बे की वॉर कोर्ट में पेश होने वाले थे, जहां वह लगभग दो दशकों से एक मिलिट्री जेल में बंद हैं.

मोहम्मद ख़ालिद, ग्वांतानामो बे में रखे गए सबसे कुख्यात और यहां के सबसे अंतिम क़ैदी हैं.

लेकिन अमेरिका की संघीय अपील अदालत ने बीते गुरुवार की शाम मोहम्मद के साथ दो और क़ैदियों के लिए दोष स्वीकार याचिका समझौते पर निर्धारित कार्यवाही को रोक दिया.

यह रोक अमेरिकी सरकार के उस अपील के मद्देनज़र लगाई गई है जिसमें सरकार की ओर से कहा गया था कि मोहम्मद और उसके दो साथियों की ‘दोष स्वीकार करने के समझौता याचिका’ पर आगे ना बढ़ा जाए.

सरकार ने कहा था कि समझौते से सरकार और जनता दोनों को ‘न भरपाई होने वाला नुकसान’ होगा.

अमेरिकी क़ानून के अनुसार, अपना अपराध स्वीकार कर लेने पर सज़ा में छूट दी जाती है.

तीन जजों वाले पैनल ने यह भी कहा कि इस मामले में देरी को कतई यह न समझा जाय कि यह ‘गुण-दोष के आधार पर फ़ैसला’ लिया गया है.

बल्कि इसका मक़सद यह है कि अदालत पूरी ब्रीफ़िंग सुन सके और उसे ‘जल्द से जल्द’ दलीलें सुनने का समय मिल सके.

इस देरी का मतलब है कि अब यह मामला ट्रंप प्रशासन के सामने जाएगा.

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